पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला अब लगातार गहराता जा रहा है। विशेष जांच टीम यानी SIT की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जो इस मामले को और रहस्यमय बना रहे हैं।

जांच के दौरान SIT को नींद की दवा से जुड़ा एक अहम सुराग मिला है। जानकारी के मुताबिक, छात्रा ने यह दवा जहानाबाद के एक मेडिकल स्टोर से खरीदी थी। इसी कड़ी में SIT की टीम ने मेडिकल स्टोर पहुंचकर दुकानदार से पूछताछ की और दवा की बिक्री से जुड़ी जानकारी जुटाई।
मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि दिसंबर के अंत में छात्रा अपने माता-पिता के साथ वाहन से जहानाबाद आई थी। उसी दौरान अस्पताल मोड़ के पास स्थित मेडिकल स्टोर से नींद की दवा खरीदी गई। दवा खरीदते समय छात्रा के पिता भी मौजूद थे और भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया गया था।
SIT को छात्रा के हॉस्टल कमरे से दवा के रैपर और खाली पत्ते भी मिले थे, जिसके आधार पर जांच टीम मेडिकल स्टोर तक पहुंची। दुकानदार का यह भी कहना है कि इस तरह की दवा पहले भी परिवार द्वारा ली जाती रही है। हालांकि, जांच एजेंसियां इस पहलू को हर एंगल से खंगाल रही हैं।
इस मामले में एक और अहम बात CCTV फुटेज को लेकर सामने आई है। मेडिकल स्टोर में लगे कैमरों की जांच के दौरान अधिकारियों को हाल की रिकॉर्डिंग नहीं मिल सकी। दुकानदार के अनुसार, हार्ड डिस्क फुल होने के कारण फुटेज सुरक्षित नहीं हो पाया था। इसे ठीक कराने की सलाह दी गई है।
अब SIT के सामने कई सवाल खड़े हैं। क्या नींद की दवा छात्रा की मौत का कारण बनी? क्या CCTV फुटेज का न मिलना केवल संयोग है या किसी अहम सबूत के गायब होने का संकेत? या फिर इस पूरे मामले के पीछे कोई और सच्चाई छिपी हुई है?
फिलहाल SIT हर पहलू से जांच में जुटी हुई है। NEET छात्रा की मौत का यह मामला अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सवालों और रहस्यों से भरी एक गुत्थी बन चुका है, जिसका सच आने वाले दिनों में सामने आ सकता है।
