बिहार में प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान शिक्षक बनने की प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने एक अहम निर्देश जारी किया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के विज्ञापन संख्या-25/2024 के तहत चयनित प्रधान शिक्षक अभ्यर्थियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।


प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर की ओर से जारी पत्र के अनुसार, काउंसलिंग में सफल रहे और जिला आवंटन प्राप्त कर चुके प्रधान शिक्षक अभ्यर्थियों को अब अपने आवंटित जिले के भीतर पाँच-पाँच प्रखंडों का विकल्प ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर भरना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया 23 जनवरी 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले कई अभ्यर्थियों ने आवंटित विद्यालय में योगदान नहीं किया था, जबकि कुछ ने जिला या प्रखंड परिवर्तन को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इन सभी मामलों को देखते हुए विभाग ने मेरिट-कम-चॉइस के आधार पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिलों का पुनः आवंटन किया है। कुल 5218 अभ्यर्थियों को इस प्रक्रिया के तहत नया जिला आवंटित किया गया।
अब अगला चरण विद्यालय आवंटन से जुड़ा है, जिसके लिए अभ्यर्थियों से उनके पसंदीदा पाँच प्रखंडों का विकल्प मांगा जा रहा है। शिक्षा विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि निर्धारित अवधि में जो अभ्यर्थी अपना विकल्प ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज नहीं करेंगे, उनके लिए विद्यालय का आवंटन विभाग स्तर पर उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर कर दिया जाएगा।
इस निर्देश को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को लागू कराने के लिए कहा गया है, ताकि प्रधान शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से विद्यालय आवंटन में पारदर्शिता आएगी और चयनित प्रधान शिक्षकों को शीघ्र ही उनके कार्यस्थल मिल सकेंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर लॉग-इन कर अपने प्रखंड विकल्प अवश्य भर लें।
