गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। खासकर भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती इलाकों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राज्य पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील चेकपोस्टों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की सघन जांच की जा रही है, वहीं बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार करने की कोशिशों पर सख्ती से रोक लगाई जा रही है।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे खुफिया तंत्र को और मजबूत करें। स्थानीय स्तर पर खुफिया सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, एसएसबी और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस समारोह स्थलों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। प्रवेश बिंदुओं पर मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरों और सघन तलाशी की व्यवस्था की गई है। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्तों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती की गई है।
प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस वस्तुओं या किसी भी असामान्य हरकत की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या हेल्पलाइन पर देने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता और सहयोग से ही गणतंत्र दिवस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाया जा सकता है।
