बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुधाकर सिंह (राजद) ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में बक्सर जिले से जुड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, सड़क सुरक्षा और यातायात संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने मंत्रालय के समक्ष एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सड़क निर्माण, रखरखाव और भविष्य की परियोजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव शामिल थे।

सांसद सुधाकर सिंह ने बक्सर गोलंबर से अहिरौली तक सड़क के दोनों ओर समुचित ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कें जल्दी खराब हो जाती हैं और आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके साथ ही बक्सर गोलंबर, चुरामनपुर, धरहरा और अहिरौली जैसे अत्यधिक व्यस्त क्षेत्रों में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज या जेब्रा क्रॉसिंग के निर्माण पर जोर दिया।
उन्होंने नुआंव, सारिमपुर, दलसागर, भैसहा और कृष्णाब्रह्मा फ्लाइओवर के पास सर्विस रोड के अभाव से उत्पन्न समस्याओं को भी गंभीर बताया। सांसद ने कहा कि सर्विस रोड नहीं होने से स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की आवाजाही में कठिनाइयों के साथ दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पटना–बक्सर एनएच-922 से जोड़ने के प्रस्तावित अलाइनमेंट पर आपत्ति जताते हुए सुधाकर सिंह ने मांग की कि इसे बक्सर शहर की घनी आबादी से बाहर नए मार्ग से जोड़ा जाए। इससे भविष्य में यातायात जाम और शहरी दबाव से बचा जा सकेगा।
बक्सर–चौसा–मोहनिया एनएच-319ए के संदर्भ में उन्होंने बनारपुर क्षेत्र में संभावित बड़े पैमाने पर विस्थापन की आशंका जताई और वर्तमान अलाइनमेंट में बदलाव की मांग की। साथ ही प्रस्तावित बाईपास को रतवार (भभुआ रोड) तक विस्तारित करने का सुझाव दिया।
आरा–मोहनिया एनएच-319 पर रोहतास जिले के दिनारा क्षेत्र में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीर बताते हुए धनसोई मोड़ पर ओवरब्रिज, पैदल पार पथ और अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर भी सांसद ने जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने बक्सर–दिनारा भाया इटाढ़ी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में बदलने, चौसा से सासाराम तक नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण और बक्सर–भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को अलग ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित करने की मांग रखी।
