देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। बिहार की राजधानी पटना के संपतचक में भी भव्य गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जहां बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। समारोह को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने बिहार पुलिस को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए साफ संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने खुले मंच से कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को हथियार चलाना नहीं आता, उन्हें नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे पुलिसकर्मी या तो खुद को सक्षम बनाएं या फिर नौकरी छोड़कर घर लौट जाएं। उन्होंने कहा कि यह बदला हुआ भारत है और अब अपराध के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा और अपराधियों से निपटने में पूरी दक्षता दिखानी होगी।
सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार ने देश की तीनों सेनाओं के हाथ खोल दिए हैं, उसी तरह बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पुलिस को पूरी छूट दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार पुलिस के हाथ अब बंधे नहीं रहेंगे और अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपने भाषण में गृह मंत्री ने समाज में अपराध और अराजकता को “कचरा” बताते हुए कहा कि समाज में कोई भी कचरा बचना नहीं चाहिए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि वह कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाए। सम्राट चौधरी ने कहा कि सुशासन की स्थापना तभी संभव है, जब पुलिस निष्पक्ष, मजबूत और संवेदनशील होकर काम करे।
उन्होंने अपराधियों के खिलाफ तेज और प्रभावी कार्रवाई करने, न्याय प्रक्रिया को गति देने और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस को जनता के विश्वास पर खरा उतरना होगा और राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सम्राट चौधरी का यह बयान पुलिस महकमे में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
