महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे का शिकार हुआ विमान दिल्ली स्थित निजी विमानन कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का लियरजेट 45 (VT-SSK) था। विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके कारण मौके पर ही सभी सवारों की जान चली गई।
इस हादसे में सह पायलट कैप्टन शांभवी पाठक की भी मृत्यु हो गई। शांभवी पाठक एक होनहार और प्रशिक्षित युवा पायलट थीं, जो पिछले चार वर्षों से वीएसआर वेंचर्स से जुड़ी हुई थीं। विमान का संचालन कैप्टन सुमित कपूर के साथ शांभवी कर रही थीं। शांभवी ने मुंबई विश्वविद्यालय से विमानन से जुड़ी पढ़ाई की थी और वर्ष 2018 से 2019 के बीच न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से कठिन व्यावसायिक उड़ान प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
शांभवी पाठक की शुरुआती शिक्षा वायुसेना बाल भारती स्कूल से हुई थी, जहां उन्होंने 2018 में माध्यमिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NZ CAA) और भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त किया। जनवरी 2019 में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) से अंग्रेजी भाषा प्रवीणता स्तर-6 प्रमाणपत्र भी मिला। वर्ष 2022 में उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से वैमानिकी, विमानन और अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्नातक की डिग्री पूरी की और फ्रोजन एटीपीएल हासिल किया।
अपने करियर के दौरान शांभवी ने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक के रूप में भी काम किया और उनके पास फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर रेटिंग (ए) थी। इसके अलावा उन्होंने फरवरी 2022 में जॉर्डन एयरलाइन ट्रेनिंग एंड सिमुलेशन से ए320 जेट ओरिएंटेशन ट्रेनिंग और मार्च 2022 में स्पाइसजेट लिमिटेड से विमानन सुरक्षा प्रमाणन (AVSEC) प्राप्त किया था।
दुर्घटनाग्रस्त विमान की मालिक वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी। कंपनी विमान पट्टे पर देने और विमानन परामर्श सेवाएं प्रदान करती है। इसके मालिक कैप्टन विजय सिंह और कैप्टन रोहित सिंह हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले 14 सितंबर 2023 को भी इसी कंपनी का एक विमान मुंबई हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। बारामती हादसे के बाद विमानन सुरक्षा और निजी चार्टर उड़ानों की निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

