पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसके पीछे किसी तरह का दबाव, प्रताड़ना या लापरवाही तो नहीं थी—इन तमाम बिंदुओं पर अब राज्य सरकार गंभीरता से नजर रखे हुए है। इसी क्रम में मामले की जांच तेज और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें की जा रही हैं।

शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर इस मामले को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, पटना के आईजी और मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने SIT से अब तक की जांच की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और आगे की कार्रवाई को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सच्चाई जल्द से जल्द सामने लाई जाए। इससे पहले डीजीपी विनय कुमार के आवास पर भी पुलिस अधिकारियों की अलग से समीक्षा बैठक हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में जांच से जुड़े अहम पहलुओं के साथ-साथ पीड़िता के परिजनों द्वारा जताई गई आशंकाओं पर भी चर्चा हुई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि SIT हर एंगल से जांच कर रही है—छात्रा की मौत का कारण, घटनास्थल की परिस्थितियां, उसके संपर्क में रहे लोगों की भूमिका, और किसी भी संभावित दबाव या साजिश की गहन पड़ताल की जा रही है।
इधर, मृतका के परिजन शुक्रवार को डीजीपी विनय कुमार के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान मृतका की मां ने जांच पर असंतोष जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की दिशा सही नहीं है और पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर पा रही है। उनका कहना है कि उन्हें अब तक न्याय मिलता नजर नहीं आ रहा और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, सरकार की ओर से यह दोहराया गया है कि मामले में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जांच को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
