बिहार के गया जिले में सैनिक अभ्यास के बाद सुरक्षा मानकों के पालन में हुई गंभीर चूक एक मासूम की जान पर भारी पड़ गई। बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत बुमेर पंचायत के विघी पहाड़ी के समीप स्थित सैनिक अभ्यास फील्ड रेंज में अप्रस्फुटित विस्फोटक के अचानक फटने से 15 वर्षीय किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना शुक्रवार को उस समय हुई, जब कुछ युवक प्रतिबंधित क्षेत्र में पड़े एक संदिग्ध वस्तु को देखने और उठाने के लिए अंदर चले गए। तभी अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट की चपेट में आने से बुमेर पंचायत निवासी सौरभ कुमार (15 वर्ष) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मुकेश कुमार (15 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल, गया रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 29 जनवरी 2026 से सीआरपीएफ राजगीर की टीम द्वारा विघी पहाड़ी स्थित इस फील्ड फायरिंग रेंज में फायरिंग अभ्यास किया जा रहा था, जो 31 जनवरी तक प्रस्तावित था। हालांकि अभ्यास एक ही दिन में समाप्त कर दिया गया। नियमों के अनुसार, किसी भी सैन्य अभ्यास के बाद पूरे क्षेत्र की गहन जांच कर अप्रस्फुटित गोला-बारूद को चिन्हित कर सुरक्षित रूप से नष्ट या हटाया जाना अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में समुचित जांच नहीं होने के कारण विस्फोटक खुले में रह गया।
बुमेर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार उर्फ गुड्डू यादव ने बताया कि सीआरपीएफ अधिकारियों ने दावा किया है कि जिस प्रकार का ग्रेनेड फटा, वह उनके अभ्यास में प्रयुक्त नहीं हुआ था। वहीं स्थानीय विधायक ज्योति देवी ने घटना को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए शोक व्यक्त किया और कहा कि स्थायी घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था होती तो हादसा टल सकता था। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।
