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राज्य के सरकारी प्रारंभिक एवं माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अंतर जिला स्थानांतरित शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने बड़ी राहत दी है। विभाग ने ऐसे शिक्षकों को आवंटित विद्यालय में योगदान देने के लिए एक और अवसर प्रदान करते हुए योगदान की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर द्वारा शुक्रवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है।
जारी पत्र के अनुसार, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग के पत्रांक-4434, दिनांक 10 दिसंबर 2025 के आलोक में अंतर जिला स्थानांतरण की प्रक्रिया के तहत कुल 27,171 शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया था। इनमें से ‘ई-शिक्षाकोष पोर्टल’ पर पांच-पांच प्रखंडों का विकल्प उपलब्ध कराने वाले 22,928 शिक्षकों को जिलों द्वारा प्रखंड एवं विद्यालय का आवंटन किया जा चुका है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, आवंटित विद्यालय प्राप्त करने वाले शिक्षकों में से 21,700 शिक्षकों, यानी लगभग 95 प्रतिशत शिक्षकों ने विभाग द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि 21 जनवरी 2026 तक अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में योगदान कर लिया है। हालांकि, शेष 1,228 शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर योगदान नहीं कर पाए हैं।
इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि शेष अंतर जिला स्थानांतरित शिक्षकों को एक और मौका दिया जाए। इसके तहत अब ऐसे सभी शिक्षक, जिन्हें विद्यालय आवंटित किया जा चुका है, लेकिन जिन्होंने 21 जनवरी 2026 तक योगदान नहीं किया है, वे दिनांक 7 फरवरी 2026 तक अपने आवंटित विद्यालय में योगदान कर सकेंगे।
निदेशक, प्राथमिक शिक्षा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अंतर जिला स्थानांतरण की इस प्रक्रिया के अंतर्गत आने वाले सभी संबंधित शिक्षकों का योगदान 7 फरवरी 2026 तक स्वीकार किया जाए। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस निर्देश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सके और विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो।
इस आदेश की प्रतिलिपि सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। शिक्षा विभाग के इस निर्णय से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जो किसी कारणवश तय समय सीमा में योगदान नहीं कर सके थे।
