बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या के मामले को अत्यंत गंभीर और संवेदनशील बताते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने का आग्रह भारत सरकार से किया है। यह मामला कांड संख्या–14/26 के रूप में दर्ज है, जिसने राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में छात्राओं की सुरक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायपूर्ण जांच बेहद आवश्यक है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके। राज्य सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है, लेकिन चूंकि यह मामला व्यापक जनहित और राष्ट्रीय स्तर पर भरोसे से जुड़ा है, इसलिए CBI जांच ही उचित होगी।

CBI जैसी स्वतंत्र और केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच कराए जाने से मामले के सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल हो सकेगी। इससे न केवल सच्चाई सामने आएगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि जांच किसी दबाव या प्रभाव से मुक्त होकर आगे बढ़े। बिहार सरकार जांच में हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस घटना के बाद राज्य भर में छात्र, अभिभावक और सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है। सभी की मांग है कि छात्रा की मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का जल्द से जल्द खुलासा हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बिहार के गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य सरकार छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इस दिशा में आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
सरकार का मानना है कि CBI जांच से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद मिलेगी, बल्कि यह एक मजबूत संदेश भी देगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं, जिससे इस जघन्य अपराध का सच सामने आ सके और दोषियों को कठोर सजा मिल सके।
