बिहार में एनडीए सरकार ने युवाओं और सुरक्षा बलों से जुड़े पूर्व सैनिकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 में विशेष सशस्त्र पुलिस (SAP) में 17 हजार पदों पर बहाली की घोषणा की है। इसके साथ ही SAP जवानों के मानदेय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस फैसले को रोजगार सृजन और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इस बहाली प्रक्रिया के तहत भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सैनिकों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के रिटायर्ड अर्धसैनिकों की नियुक्ति की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि अनुभवी और प्रशिक्षित बलों को राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाए, जिससे कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। साथ ही इससे पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक पुनर्नियोजन का अवसर भी मिलेगा।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक सुधार के तहत विभिन्न विभागों में 436 नए पदों पर भी बहाली की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने से सरकारी कामकाज में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
सरकार ने SAP जवानों के मानदेय में भी बड़ी बढ़ोतरी की है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार,
जेसीओ का मानदेय 23,800 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये कर दिया गया है,
SAP जवानों का मानदेय 19,800 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये,
जबकि रसोइयों का मानदेय 15,100 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है।
मानदेय में इस बढ़ोतरी से सुरक्षा कर्मियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलने से जवानों की कार्यक्षमता में सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ राज्य की कानून-व्यवस्था को मिलेगा।
एनडीए सरकार के इस फैसले को युवा वर्ग और पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ अनुभवी सुरक्षा बलों की तैनाती से बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
