बिहार के समस्तीपुर के 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को चैंपियन बना दिया। जिम्बाब्वे के हरारे क्रिकेट मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए खिताबी मुकाबले में वैभव ने मात्र 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए। उनकी इस विस्फोटक पारी में 15 छक्के और 15 चौके शामिल रहे।

बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया। उनकी 218 की स्ट्राइक रेट वाली पारी ने मैच को एकतरफा बना दिया। फाइनल से पहले भी वैभव पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में दिखे थे, लेकिन बड़ी पारी का इंतजार था, जो उन्होंने सबसे बड़े मंच पर पूरी कर दी।
पूरे टूर्नामेंट में वैभव ने सात मैचों में कुल 439 रन बनाए, जो प्रतियोगिता में सर्वाधिक रहे। उन्होंने तीन अर्धशतक और एक शतक लगाया। बांग्लादेश के खिलाफ 72 रन, जिम्बाब्वे के विरुद्ध 52 रन और अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रन की अहम पारियां खेलीं। फाइनल में 175 रन की पारी ने उन्हें विश्व क्रिकेट के उभरते सितारों की सूची में शामिल कर दिया।
वैभव पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। आइपीएल 2025 में उन्होंने 38 गेंदों में 101 रन की तूफानी पारी खेली थी। विजय हजारे ट्रॉफी में 84 गेंदों पर 190 रन, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 61 गेंदों पर 108 रन और अंडर-19 एशिया कप में 171 रन की पारी उनकी काबिलियत का प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैभव सूर्यवंशी को बधाई देते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीद बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में इतनी परिपक्व और आक्रामक बल्लेबाजी असाधारण है। मुख्यमंत्री ने वैभव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे आने वाले समय में भारतीय सीनियर टीम के लिए भी कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने भी वैभव की जमकर सराहना की है। 14 साल की उम्र में विश्व कप फाइनल में ऐसी पारी खेलना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। वैभव सूर्यवंशी अब देश के लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
