बिहार की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर लगाए गए आरोपों को हास्यास्पद करार दिया है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार से राज्य के खजाने की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए कई तीखे सवाल उठाए।

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि बिहार की वित्तीय स्थिति क्या है और राज्य के पास अपने आंतरिक संसाधन कितने हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार कोई एक ऐसा सूचकांक बताए, जिसमें बिहार देश में अव्वल हो। उनका आरोप है कि केवल केंद्र सरकार पर निर्भर रहकर बिहार को नंबर वन राज्य नहीं बनाया जा सकता। विकास के लिए ठोस आर्थिक आधार और पारदर्शिता जरूरी है।
मुख्यमंत्री द्वारा अपने पाले के छह विधायकों को प्रलोभन दिए जाने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद प्रवक्ता ने पलटवार किया। उन्होंने पूछा कि संगीता कुमारी, सिद्धार्थ सौरव, प्रहलाद यादव और चेतन आनंद जैसे विधायकों को आखिर किसने अपने पाले में किया? उन्होंने कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाकर सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाना चाहती है।
राजद ने राज्य सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया कि वर्ष 2006 से अब तक सरकार पुराने ढर्रे पर ही चल रही है और राज्य की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने बिहार को ‘जिंदा लाश’ जैसा बताते हुए कहा कि सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए और जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहिए।
इधर, तेजस्वी यादव के राजद के कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी में उत्साह का माहौल है। शनिवार को पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में उनके अभिनंदन समारोह की तैयारी जोर-शोर से की गई है। कार्यालय को हरे बल्बों की रोशनी से सजाया गया है और शहर में होर्डिंग-बैनर लगाए गए हैं। पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद के अनुसार, समारोह में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता, जिलाध्यक्ष और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल होंगे।
कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह टकराव और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।
