
Desk ASR
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास को नई दिशा देने वाला अहम फैसला लिया गया। कैबिनेट ने ‘सात निश्चय पार्ट–3’ को लागू करने की मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि यह कार्यक्रम पिछले दोनों चरणों के अनुभवों पर आधारित है और सीधे तौर पर युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण बिहार की ज़रूरतों को केंद्र में रखता है।
‘सात निश्चय पार्ट–3’ में रोजगार को सबसे ऊपर रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि कौशल विकास, स्थानीय उद्योग और सरकारी-निजी भागीदारी के ज़रिए बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा की जाएं। युवाओं के लिए प्रशिक्षण को नौकरी से जोड़ने और पढ़ाई के साथ काम के अवसर बढ़ाने की योजना इसमें शामिल है।
शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों और कॉलेजों की गुणवत्ता सुधार, डिजिटल पढ़ाई और तकनीकी शिक्षा पर खास जोर दिया गया है। स्वास्थ्य को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सुविधाएं बेहतर करने का रोडमैप तैयार किया गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूह, स्वरोजगार और आर्थिक सहायता योजनाओं को और मजबूत किया जाएगा।
ग्रामीण विकास, सड़क, नल-जल, स्वच्छता और हरित ऊर्जा भी ‘सात निश्चय पार्ट–3’ के प्रमुख स्तंभ हैं। सरकार इसे सिर्फ योजना नहीं, बल्कि “अगले दशक का विजन डॉक्यूमेंट” बता रही है।राजनीतिक रूप से भी यह फैसला अहम माना जा रहा है। सरकार विकास और सुशासन के मुद्दे पर फिर से भरोसा मजबूत करने की कोशिश में है। अब सबकी नजर इस पर है कि सात निश्चय पार्ट–3 जमीन पर कितना असर दिखा पाता है।
