

Desk ASR
बिहार की राजधानी पटना में कानून व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक थाने में आयोजित थानेदार की विदाई समारोह उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब कानून के रखवाले की विदाई में कानून तोड़ने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। माहौल ऐसा बना कि पुलिस की मौजूदगी में ही कानून का मखौल उड़ता नजर आया।
बताया जा रहा है कि विदाई समारोह में केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि इलाके में सक्रिय शराब कारोबारियों , बालू माफिया और संदिग्ध छवि वाले लोगों की भी मौजूदगी रही। यह वही लोग बताए जा रहे हैं, जिन पर कभी इसी थाने में केस दर्ज हुए थे या जिनकी गतिविधियां पुलिस की नजर में रही हैं। विदाई के दौरान फूल-मालाओं, मिठाइयों और जयकारों के बीच जब ऐसे चेहरे नजर आए, तो कई पुलिसकर्मी भी असहज हो गए।
सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि आखिर शराबबंदी वाले राज्य में शराब कारोबार से जुड़े लोगों की खुलेआम मौजूदगी कैसे हो गई? क्या यह थानेदार की व्यक्तिगत लोकप्रियता का मामला है या फिर पुलिस और अपराधियों के बीच की नजदीकियों का संकेत? समारोह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, उच्च अधिकारियों तक भी इसकी जानकारी पहुंच चुकी है और पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट तलब की जा सकती है। यह घटना न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी झटका देती है। कानून के मंदिर में अगर कानून तोड़ने वाले सम्मानित होकर नजर आएं, तो संदेश क्या जाएगा? यही सवाल बीवी अब पटना से लेकर पूरे बिहार में गूंज रहा है।
