
ASR डेस्क
केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना से जुड़े युवाओं को बड़ी राहत देते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भर्ती नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब BSF में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण 10 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 50 फीसदी कर दिया गया है। इसके लिए करीब 10 साल पुराने नियम में संशोधन किया गया है, जिसे युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि अग्निवीर योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले जवानों को अर्धसैनिक बलों में बेहतर अवसर मिलना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने BSF भर्ती नियमों में बदलाव को मंजूरी दी। नए प्रावधान के तहत BSF में होने वाली सीधी भर्तियों में आधी सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगी।
इस फैसले से उन हजारों युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो सेना में अनुशासन, प्रशिक्षण और देश सेवा का अनुभव लेकर बाहर निकलते हैं। सरकार का मानना है कि अग्निवीरों की ट्रेनिंग BSF जैसे बलों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, जिससे बल की कार्यक्षमता और अनुशासन दोनों मजबूत होंगे।
जानकारों के अनुसार, यह बदलाव न सिर्फ रोजगार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि अग्निवीर योजना को लेकर युवाओं में फैली असमंजस की स्थिति को भी काफी हद तक दूर करेगा। पहले कई युवा चार साल बाद भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे, लेकिन अब BSF में बड़ा कोटा मिलने से उनकी राह आसान होगी।
सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में अन्य अर्धसैनिक बलों में भी अग्निवीरों के लिए कोटा बढ़ाया जा सकता है। इससे योजना की विश्वसनीयता और आकर्षण दोनों बढ़ेंगे।
कुल मिलाकर, BSF में 50 फीसदी आरक्षण का फैसला अग्निवीरों के लिए एक नई उम्मीद बनकर आया है, जो देश सेवा के बाद स्थायी करियर की तलाश में हैं। यह कदम युवाओं और सुरक्षा बलों—दोनों के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है।
