
सर्दियों का मौसम आते ही गाजर का हलवा, रेवड़ी, गजक, पकौड़े और बटर चिकन जैसे पकवान घर-घर में बनने लगते हैं। स्वाद और गर्माहट देने वाले ये फूड्स ठंड में लोगों की पहली पसंद होते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इनका जरूरत से ज्यादा सेवन दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर पहले से हाई बीपी, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दियों में शरीर की नसें स्वाभाविक रूप से सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में ज्यादा घी, मक्खन, तेल और चीनी से बने खाद्य पदार्थ खून को गाढ़ा कर देते हैं। गाजर का हलवा, गजक और रेवड़ी में मौजूद हाई शुगर और सैचुरेटेड फैट खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को तेजी से बढ़ाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना तक बढ़ सकता है।
डॉक्टर बताते हैं कि बटर चिकन, पकौड़े और अन्य तले-भुने खाद्य पदार्थ दिल की धमनियों में फैट जमा करते हैं। ठंड के मौसम में शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जिससे कैलोरी बर्न नहीं हो पाती और यह फैट सीधे हार्ट पर असर डालता है। कई मामलों में सर्दियों के दौरान अचानक हार्ट अटैक की घटनाएं इसी कारण बढ़ जाती हैं।
बचाव के लिए डॉक्टर संतुलित आहार की सलाह देते हैं। मीठे और तले भोजन को सीमित मात्रा में लें, रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉक जरूर करें। घी-मक्खन की जगह सरसों या रिफाइंड तेल का सीमित उपयोग करें। फल, सब्जियां, ओट्स, नट्स और गुनगुना पानी डाइट में शामिल करें, जिससे कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहे।
विशेषज्ञों का साफ कहना है कि स्वाद से समझौता नहीं, बल्कि संतुलन जरूरी है। सर्दियों के पारंपरिक पकवान कभी-कभार खाएं, लेकिन रोज-रोज नहीं। यही सावधानी दिल को सुरक्षित रख सकती है और ठंड के मौसम को बिना खतरे के एंजॉय करने में मदद करेगी।
