बिहार की सियासत एक बार फिर अजीबोगरीब मोड़ पर पहुंच गई है। प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के सोशल मीडिया पोस्ट ने ऐसा राजनीतिक तूफान खड़ा किया कि जदयू के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार सीधे राबड़ी देवी आवास तक पहुंच गए। मामला सिर्फ एक ट्वीट का नहीं, बल्कि 2025 के विधानसभा चुनाव, विदेश यात्रा और विपक्ष की भूमिका पर बड़े सवालों से जुड़ गया है।
दरअसल, तेजस्वी यादव ने लंबे समय बाद सोशल मीडिया पर क्रिसमस के मौके पर ट्वीट किया। इसी को लेकर नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि चुनावी परिणामों और जनता से जुड़े मुद्दों पर तेजस्वी यादव खामोश रहे, लेकिन आज त्योहार पर ट्वीट सामने आया। नीरज कुमार ने सवाल उठाया कि ऐसे में प्रतिपक्ष के नेता के तौर पर वे राज्य की जनता के साथ न्याय कैसे करेंगे।
राबड़ी आवास पहुंचने के बाद नीरज कुमार ने बयान दिया—“मैं क्रिसमस मनाने निकला हूं और इसी बहाने तेजस्वी यादव को ढूंढने की कोशिश कर रहा हूं। यानी एक पंथ, दो काज।” उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी। नीरज कुमार ने दावा किया कि तेजस्वी यादव फिलहाल बैंकॉक में हैं और उनका इंडोनेशिया जाने का भी कार्यक्रम है। इस दावे के साथ ही विपक्ष की सक्रियता और विदेश दौरों को लेकर बहस छिड़ गई।
नीरज कुमार के इस कदम और बयान पर राष्ट्रीय जनता दल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि जदयू बेवजह राजनीतिक आरोप लगा रही है और राबड़ी आवास पहुंचना सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कोशिश है। राजद का कहना है कि तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा निजी है और इसे राजनीतिक रंग देना गलत है।
कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में यह पूरा घटनाक्रम सियासी बयानबाजी, ट्वीट और दौरे के इर्द-गिर्द घूमता नजर आ रहा है। 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे राजनीतिक ड्रामे यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में सियासत और भी गरमाने वाली है।

