करीब दो दशकों के बाद पटना का वीआईपी पता 10 सर्कुलर रोड आखिरकार खाली होने की प्रक्रिया में आ गया। राजकीय पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का यह सरकारी आवास गुरुवार की आधी रात एक बड़े घटनाक्रम का गवाह बना, जब तीन से चार गाड़ियों में उनका सामान लादकर गोला रोड स्थित गौशाला भेजने की तैयारी शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, यह सामान फिलहाल अस्थायी तौर पर गौशाला में रखा जाएगा, जिसके बाद इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।

दरअसल, भवन निर्माण विभाग ने करीब 30 दिन पहले ही राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस भेजा था। विभाग के आदेश में साफ कहा गया था कि बिहार विधान परिषद की सदस्य राबड़ी देवी को अब पटना के केंद्रीय पूल स्थित आवास संख्या 39, हार्डिंग रोड आवंटित किया गया है। इसी आदेश के तहत 10 सर्कुलर रोड खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
10 सर्कुलर रोड वही आवास है, जो वर्षों तक लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की राजनीति का केंद्र रहा। सत्ता में रहने के दौरान और सत्ता से बाहर आने के बाद भी यह आवास राष्ट्रीय जनता दल की गतिविधियों का अहम ठिकाना बना रहा। ऐसे में इसके खाली होने को महज एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर बिहार की राजनीति में जमकर बवाल मचा। राष्ट्रीय जनता दल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया, जबकि सत्ताधारी दलों का कहना है कि सरकारी नियमों के तहत कार्रवाई की गई है और इसमें कोई भेदभाव नहीं है। विपक्ष का आरोप है कि जानबूझकर आधी रात में सामान शिफ्ट कराया गया ताकि राजनीतिक दबाव बनाया जा सके।
हालांकि, प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि पूरी प्रक्रिया नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत की गई। 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड के खाली होने के साथ ही बिहार की राजनीति का एक लंबा अध्याय मानो बंद होता नजर आ रहा है, लेकिन इस फैसले के राजनीतिक मायने अभी लंबे समय तक चर्चा में बने रहेंगे।
