गोपालगंज जिले के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में हुई चोरी की घटना को लेकर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से श्रद्धालुओं और प्रशासन की चिंता बनी इस वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी इस्माइल आलम को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में चोरी गए आभूषणों के अहम हिस्से और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।



पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर जब टीम ने छापेमारी की तो आरोपी इस्माइल आलम ने खुद को घिरा हुआ देखकर अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पहले उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी ने फायरिंग जारी रखी, जिससे पुलिसकर्मियों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही घायल अवस्था में पकड़ लिया गया।
घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी मूल रूप से गाजीपुर-मोतिहारी क्षेत्र का रहने वाला है और हाल के दिनों में शाहपुर थाना क्षेत्र में छिपकर रह रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में ही उसने चोरी से जुड़े कई अहम राज उगल दिए हैं और अपने गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी दी है।
पुलिस ने मौके से मां थावे भवानी के मुकुट के महत्वपूर्ण हिस्से, चोरी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और अन्य जरूरी साक्ष्य बरामद किए हैं। मंदिर से जुड़े इस मामले में हुई बरामदगी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है। घटना के बाद से आक्रोशित श्रद्धालुओं में अब राहत का माहौल है और पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
