
रविवार की देर रात राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया में चल रही एक खबर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने बिना किसी खबर का नाम लिए, मीडिया में परोसी जा रही सामग्री की गुणवत्ता और मंशा पर सवाल खड़े किए। कुशवाहा ने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि आज एक खबर देखने-पढ़ने को मिली, जिसे प्लांट करवाने और चलाने वालों को धन्यवाद कहा जाना चाहिए, क्योंकि किसी बहाने वह खबर सुर्खियों में तो आ ही गई। दरअसल मीडिया ने रविवार को उपेंद् कुशवाहा द्वारा अपने पुत्रवधु को राज्य नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष पद पर सेट करने की खबर सूत्रों के हवाले से चलाई थी और माना जा रहा की उपेंद्र कुशवाहा का पोस्ट उसी खबर पर नाराजगी से संबंधित है।
उन्होंने आगे लिखा कि यह आश्चर्यजनक है कि किस तरह की “फ़ालतू” खबरें भी मीडिया में जगह बना लेती हैं और बिकती हैं। कुशवाहा का यह बयान सीधे तौर पर मीडिया की कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं पर निशाना माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किस खबर की ओर था, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे हालिया घटनाक्रमों और नेताओं के निजी या पारिवारिक मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है।
उपेंद्र कुशवाहा की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब बिहार की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है। उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि खबरें गढ़ने और उन्हें हवा देने की प्रवृत्ति पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुंचा रही है। उनके मुताबिक, गंभीर मुद्दों की बजाय सनसनीखेज और बेबुनियाद बातों को परोसना लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुशवाहा का यह तंज केवल एक खबर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मीडिया के उस वर्ग के लिए संदेश है जो बिना ठोस तथ्यों के खबरें चलाता है। सोशल मीडिया पर उनके इस पोस्ट के बाद समर्थकों और आलोचकों के बीच बहस भी तेज हो गई है। कुल मिलाकर, कुशवाहा का बयान मीडिया की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी पर एक नई चर्चा छेड़ गया है।
