
मशहूर उद्योगपति के बेटे अग्निवेश के निधन से परिवार और उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। अग्निवेश का अमेरिका में एक दुर्घटना के बाद इलाज चल रहा था, लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे।
परिवार की ओर से जारी भावुक बयान में पिता ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है। उन्होंने बताया कि अग्निवेश अपने दोस्त के साथ अमेरिका में स्कीइंग करने गए थे, जहां दुर्घटना हो गई। इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट साइनाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में उनकी हालत में सुधार के संकेत मिले, जिससे परिवार को उम्मीद थी कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट ने सब कुछ छीन लिया।
अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार में हुआ था। बचपन से ही वह ऊर्जावान, मिलनसार और जिंदादिल स्वभाव के थे। उन्होंने अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज से पढ़ाई की। अग्निवेश एक मजबूत व्यक्तित्व के धनी थे—वह बॉक्सिंग चैंपियन रहे, घुड़सवारी के शौकीन थे और संगीत में भी गहरी रुचि रखते थे।
उन्होंने फुजैराह गोल्ड जैसी कंपनी की स्थापना की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। बावजूद इसके, परिवार का कहना है कि वह हमेशा सादगी और जमीन से जुड़े मूल्यों के साथ जीते रहे। मित्रों, सहकर्मियों और कर्मचारियों के बीच उनकी अलग पहचान थी।
पिता ने कहा कि अग्निवेश सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि उनका दोस्त और उनकी पूरी दुनिया था। उन्होंने दोहराया कि बेटे के साथ देखा गया आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा। परिवार ने समाज सेवा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखने का संकल्प भी दोहराया है।
अग्निवेश के निधन पर उद्योग जगत, सहयोगियों और शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
