बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति के बाद प्रमाण पत्र जांच शुरू, 16 जनवरी अंतिम तिथि तये
बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया अब शुरू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के करीब दो वर्ष बाद सभी चयनित शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों की दोबारा समीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बांका जिले में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार बीपीएससी चयनित शिक्षकों को 16 जनवरी तक अपने सभी प्रमाण पत्र जमा करने होंगे। इसमें माध्यमिक परीक्षा से लेकर उच्च शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वही प्रमाण पत्र स्वीकार किए जाएंगे, जो बहाली के समय ऑनलाइन आवेदन के दौरान अपलोड किए गए थे और जिनमें वाटरमार्क मौजूद हो।
यह जांच प्रक्रिया टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के अंतर्गत नियुक्त सभी शिक्षकों पर लागू होगी। इन तीनों चरणों में बांका जिले में करीब पांच हजार शिक्षक विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित किए गए हैं। सभी शिक्षकों के दस्तावेज संबंधित बोर्ड, विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण संस्थानों से मिलान कर सत्यापित किए जाएंगे।
जो शिक्षक अन्य जिलों से स्थानांतरण के बाद बांका में कार्यरत हैं, उन्हें भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। वहीं, बांका जिले से चयनित होकर दूसरे जिलों में पदस्थापित शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच उनके वर्तमान जिले में कराई जाएगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित के अनुसार, प्रमाण पत्रों की जांच का उद्देश्य पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सभी बीईओ को तय समय सीमा के भीतर शिक्षकों के दस्तावेज संकलित कर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। समय पर प्रमाण पत्र जमा नहीं करने वाले शिक्षकों के मामलों में आगे विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से नियुक्तियों को लेकर उठने वाले सवालों पर विराम लगेगा और विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

