बिहार सरकार के एग्रीस्टैक महाअभियान ने राज्य में किसान सशक्तिकरण की दिशा में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त पहल से राज्य में अब तक 10 लाख से अधिक किसानों का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया जा चुका है। यह उपलब्धि डिजिटल कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने इस सफलता को प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मियों की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यूनिक किसान आईडी के माध्यम से किसानों को पीएम किसान समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगा।
विभागीय जानकारी के अनुसार, केवल एक दिन में किसान पंजीकरण की रफ्तार में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। निरंतर मॉनिटरिंग, जिला प्रशासन की सक्रियता और फील्ड अधिकारियों की निगरानी से यह संभव हो पाया। कई जिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रदर्शन कर यह दिखाया कि सही रणनीति से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
हालांकि कुछ जिलों में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति देखी गई है, लेकिन प्रशासन का मानना है कि बेहतर तकनीकी सहयोग, जागरूकता और आपसी समन्वय से वहां भी जल्द सुधार होगा। e-KYC और किसान रजिस्ट्रेशन के बीच अंतर को कम करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि अभियान की विस्तारित अवधि के भीतर हर पात्र किसान को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए। एग्रीस्टैक महाअभियान के जरिए बिहार कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, सुविधा और भरोसे की नई नींव रख रहा है।
