बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के विद्यालय अध्यापकों और विशिष्ट शिक्षकों के हित में एक अहम और दूरगामी निर्णय लिया है। विभागीय संचिका संख्या-07/प्रो०-03-08/2025 से जुड़े आदेश संख्या-2558 (दिनांक 09 सितंबर 2025) के तहत गठित उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसाओं को स्वीकार करते हुए पूर्व में जारी आदेश में आवश्यक संशोधन किया गया है। इसके साथ ही बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संशोधन नियमावली, 2023 के प्रावधानों को और अधिक स्पष्ट तथा प्रभावी बना दिया गया है।

नए प्रावधानों के अनुसार अब कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले विद्यालय अध्यापकों को उसी श्रेणी में वरीय विद्यालय अध्यापक के पद पर प्रोन्नति दी जा सकेगी। वहीं कक्षा 11 से 12 तक के विद्यालय अध्यापकों को कक्षा 11 से 12 के वरीय विद्यालय अध्यापक के रूप में स्वस्थानिक उत्क्रमण का लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि इस प्रोन्नति के लिए शिक्षकों को स्थानांतरण की आवश्यकता नहीं होगी, वे अपने वर्तमान कार्यस्थल पर रहते हुए ही वरीय पद पर पदोन्नत हो सकेंगे।
इसी तर्ज पर बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 के अंतर्गत भी समान व्यवस्था लागू की गई है। कक्षा 6 से 8 तक के विशिष्ट शिक्षकों को वरीय विशिष्ट शिक्षक तथा कक्षा 11 से 12 तक के विशिष्ट शिक्षकों को वरीय विशिष्ट शिक्षक के रूप में प्रोन्नत करने का प्रावधान किया गया है। इससे विशिष्ट शिक्षकों को भी सेवा में समान अवसर और सम्मान मिलेगा।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि की गणना में स्थानीय निकाय के अंतर्गत प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में की गई कार्यावधि को जोड़ा जाएगा। संबंधित अधिकारियों और निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र शिक्षकों की सेवा विवरणी का सत्यापन कर नियमानुसार समय पर प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी करें।
इस फैसले को शिक्षकों के मनोबल बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे न केवल शिक्षकों को करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, बल्कि विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। अब
