आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री की यह यात्रा एक जिले में एक दिन के प्रवास पर आधारित होगी। 17 जनवरी को वे पूर्वी चंपारण पहुंचेंगे। इसके बाद 19 जनवरी को सीतामढ़ी और शिवहर, 20 जनवरी को गोपालगंज, 21 जनवरी को सिवान, 22 जनवरी को सारण, 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली जिले में समृद्धि यात्रा के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा और सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं सहित जिले की अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ किया जाएगा। यात्रा का एक अहम हिस्सा जनसंवाद भी होगा, जिसके माध्यम से आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान के निर्देश दिए जाएंगे।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा है कि मुख्यमंत्री की इस यात्रा को लेकर प्रदेश की जनता में खासा उत्साह है। उन्होंने बताया कि जनता से सीधा संवाद करना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहचान रही है।
गौरतलब है कि वर्ष 2005 में ‘न्याय यात्रा’ से शुरू हुई यह परंपरा अब तक जारी है। 2005 से 2026 के बीच मुख्यमंत्री 15 राज्यव्यापी यात्राएं पूरी कर चुके हैं और 16 जनवरी से वे अपनी 16वीं यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं। प्रगति यात्रा के दौरान अब तक लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से सैकड़ों विकास परियोजनाओं की शुरुआत की जा चुकी है, जिनमें कई योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष पर तेजी से काम चल रहा है।
