बिहार में विवाह निबंधन कराने वालों के लिए अच्छी खबर है। नीतीश सरकार ने विवाह निबंधन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए इसे पूरी तरह ऑनलाइन और सरल बना दिया है। अब लोगों को विवाह निबंधन के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही कागजातों की हार्ड कॉपी जमा करना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था से आम लोगों को समय, श्रम और खर्च तीनों में राहत मिलेगी।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत विवाह के ई-निबंधन की सुविधा को और अधिक सुगम बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत विवाह निबंधन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन के साथ अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर ही पूरी प्रक्रिया पूरी होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अब किसी भी प्रकार के शपथ-पत्र की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे लोगों को अतिरिक्त झंझट से मुक्ति मिलेगी।
निबंधन के लिए आवेदक और गवाहों को केवल एक बार, तय अपॉइंटमेंट की तारीख पर निबंधन कार्यालय में भौतिक रूप से उपस्थित होना होगा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसी दिन विवाह प्रमाण-पत्र भी हाथों-हाथ उपलब्ध करा दिया जाएगा। इससे महीनों तक प्रमाण-पत्र का इंतजार करने की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 9,493 विवाह निबंधन हुए, जबकि 2024 में यह संख्या 8,972 रही। बीते दो वर्षों में कुल 5,693 विवाह संपन्न हुए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि विवाह निबंधन की प्रक्रिया में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
विभाग के सचिव अजय यादव ने सभी जिला अवर निबंधक और अवर निबंधकों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि ऑनलाइन प्राप्त विवाह निबंधन आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और तय समय-सीमा के भीतर विवाह प्रमाण-पत्र जारी किया जाए। सरकार के इस कदम को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे नागरिक सेवाएं और अधिक पारदर्शी व आसान होंगी।

