पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) पूरी तरह एक्टिव मोड में है और एक-एक कड़ी को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस को अब तक कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मंगलवार को SIT की टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। टीम के साथ सचिवालय-1 की एसडीपीओ अनु कुमारी भी मौजूद थीं। हॉस्टल के बाहर उस समय अजीब स्थिति देखने को मिली, जब सभी अधिकारी एक साथ हॉस्टल पहुंचे और करीब तीन मिनट तक गेट पर रुकने के बाद बिना अंदर गए लौट गए। इस दौरान मीडिया में कई तरह की अटकलें और चर्चाएं तेज हो गईं।
करीब पांच मिनट बाद एक बार फिर एक गाड़ी हॉस्टल पहुंची। इस बार SIT टीम के साथ एक युवती भी मौजूद थी, जो सादे लिबास में थी। वह कौन है और किस हैसियत से टीम के साथ आई, इसको लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इसके बाद हॉस्टल का ताला खोला गया और SIT, पुलिस अधिकारी व वह युवती सभी अंदर दाखिल हुए। टीम करीब 15 मिनट तक हॉस्टल के भीतर रही। हालांकि, अंदर क्या जांच हुई और क्या-क्या सबूत जुटाए गए, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी पुलिस की ओर से साझा नहीं की गई।
पत्रकारों ने जब SIT टीम से सवाल करने की कोशिश की तो अधिकारियों ने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस की यह चुप्पी मामले को और रहस्यमय बना रही है।
इसी बीच जांच से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस के हाथ छात्रा की पर्सनल डायरी लगी है। बताया जा रहा है कि छात्रा रोजमर्रा की बातें इसी डायरी में लिखा करती थी। डायरी में पटना आने के बाद उसके जीवन में आए बदलावों का जिक्र है। साथ ही मेंटल स्ट्रेस, निजी रिश्तों और भावनात्मक दबाव को लेकर कई बातें दर्ज हैं। कुछ पन्नों में यह संकेत भी मिले हैं कि छात्रा किसी गहरे मानसिक सदमे से गुजर रही थी।
इससे पहले सोमवार को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची थी। टीम ने उस कमरे की बारीकी से जांच की, जहां घटना हुई थी। कमरे के अंदर और आसपास से साइंटिफिक सबूत जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर घटना की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच से और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
