

पटना/अररिया। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत विशेष निगरानी इकाई, पटना ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिनांक 20 जनवरी 2026 को विशेष निगरानी इकाई की टीम ने अररिया जिले के नरपतगंज अंचल में तैनात राजस्व कर्मचारी इम्तियाज आलम को ₹15,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दाखिल-खारिज से जुड़े एक मामले में की गई, जिसमें नाम और रकबा सुधार के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
विशेष निगरानी इकाई कार्यालय को दिनांक 16 जनवरी 2026 को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राजस्व कर्मचारी इम्तियाज आलम द्वारा दाखिल-खारिज में नाम सुधारने और भूमि के रकबा में सुधार करने के लिए ₹15,000 की अवैध मांग की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगरानी इकाई ने पहले इसकी गोपनीय जांच और सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।
वरीय पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों और कर्मियों की एक छापामारी दल का गठन किया गया। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार 20 जनवरी 2026 को शाम लगभग 6 बजकर 20 मिनट पर नरपतगंज अंचल कार्यालय क्षेत्र में कार्रवाई की गई। जैसे ही आरोपी राजस्व कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से ₹15,000 की रिश्वत ली, उसी समय निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विशेष निगरानी इकाई ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी कार्यों में रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से आम लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
