बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के औद्योगिक भविष्य को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार की सभी बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू किया जाएगा। इससे न केवल गन्ना किसानों को फायदा होगा, बल्कि मजदूरों और स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य साफ है—राज्य में ही रोजगार सृजन कर पलायन पर रोक लगाना।

समृद्धि यात्रा के तहत छपरा पहुंचे डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार अब सिर्फ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली तक सीमित नहीं रह गया है। राज्य तेजी से उद्योग और रोजगार के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बड़े पैमाने पर औद्योगिक ढांचा तैयार किया जा रहा है, ताकि युवाओं को काम के लिए बाहर न जाना पड़े।
निवेशकों को लुभाने के लिए आकर्षक नीति सम्राट चौधरी ने बताया कि सरकार युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बिहार में देश की सबसे प्रभावी औद्योगिक नीतियों में से एक लागू की गई है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक रुपये में जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, 15 दिनों के भीतर लोन स्वीकृति की व्यवस्था की गई है। इसी का नतीजा है कि अब बिहार में सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक फैक्ट्रियों की स्थापना हो रही है।
नीतीश कुमार की यात्राओं से विकास को मिली दिशा डिप्टी सीएम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की न्याय यात्रा, प्रगति यात्रा और समृद्धि यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं के जरिए मुख्यमंत्री ने आम लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी जरूरतों को समझा। इसी के आधार पर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अभूतपूर्व काम हुआ।
गांव-गांव 24 घंटे बिजली की सुविधा बिजली व्यवस्था पर बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि एक समय था जब शहरों में भी मुश्किल से कुछ घंटे बिजली मिलती थी। आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अब गांवों में भी 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। राज्य के करीब 1 करोड़ 90 लाख परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे लगभग 1 करोड़ 70 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है।
छपरा को मिलेगा एयरपोर्ट, कनेक्टिविटी होगी मजबूत सड़क और संपर्क व्यवस्था पर सरकार के फोकस को रेखांकित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि गांव से लेकर गलियों तक सड़कों का जाल बिछाया गया है। उन्होंने यह भी एलान किया कि छपरा में जल्द एयरपोर्ट का निर्माण होगा, जिससे सारण और आसपास के जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पांच साल में एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य युवाओं के लिए कौशल विकास को सरकार ने मिशन मोड में लिया है। इसके लिए युवा कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है और उद्योगों की जरूरत के अनुसार ट्रेनिंग दी जा रही है। सम्राट चौधरी ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में 50 लाख सरकारी नौकरी और रोजगार दिए जा चुके हैं। वहीं, आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। उनके अनुसार, बिहार अब बदलाव के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां विकास, उद्योग और रोजगार साथ-साथ बढ़ रहे हैं।
