77वें गणतंत्र दिवस से ठीक पहले केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार कुल 131 प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म सम्मानों से नवाजा जाएगा। राष्ट्रपति ने दो युगल पुरस्कारों (जिन्हें एक पुरस्कार माना जाता है) सहित इन पुरस्कारों को प्रदान करने की स्वीकृति दी है। घोषित सूची में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं। इस सम्मान सूची में बिहार के लिए भी गर्व का क्षण है, क्योंकि राज्य की तीन प्रमुख हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।


बिहार से कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भारत सिंह भारती को पद्मश्री अवार्ड प्रदान किया गया है। वर्षों से कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उनकी कला साधना न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुकी है।
इसी क्रम में कला जगत की एक और विशिष्ट हस्ती विश्वबंधु को मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान दिया गया है। विश्वबंधु ने अपने जीवनकाल में कला के क्षेत्र में जो अमूल्य योगदान दिया, वह आज भी कलाकारों और कला प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके निधन के बाद यह सम्मान उनके कार्यों की राष्ट्रीय स्वीकृति का प्रतीक माना जा रहा है।
वहीं बिहार से ही आने वाले गोपाल जी त्रिवेदी को विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। तकनीकी नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में उनके कार्यों ने समाज और देश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना है, बल्कि बिहार के वैज्ञानिक और तकनीकी प्रतिभा को भी राष्ट्रीय मंच पर उजागर करता है।
पद्म पुरस्कार सूची में इस वर्ष सामाजिक विविधता भी देखने को मिली है। कुल पुरस्कार विजेताओं में 19 महिलाएं शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपने योगदान के लिए सम्मानित की जा रही हैं। इसके अलावा छह पुरस्कार विदेशी नागरिकों, अनिवासी भारतीयों (NRI), भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) और भारत के प्रवासी नागरिकों (OCI) को दिए गए हैं। इस सूची में 16 ऐसे पुरस्कार भी शामिल हैं, जो मरणोपरांत प्रदान किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, पद्म पुरस्कार 2026 की यह घोषणा न सिर्फ देश की विविध प्रतिभाओं को सम्मानित करती है, बल्कि बिहार के लिए भी गौरव और प्रेरणा का विषय बनी है।
