जहानाबाद की नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के बाद जांच ने गंभीर मोड़ ले लिया है। एफएसएल रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद अब राज्य सीआईडी ने जांच की कमान संभालते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में हॉस्टल मालिक सहित कुल 15 संदिग्धों का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।
एफएसएल रिपोर्ट सामने आने के बाद रविवार को सीआईडी, एफएसएल और एसआईटी की संयुक्त टीम मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। टीम ने करीब दो घंटे तक ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवें तल तक गहन जांच की। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज से जुड़े सभी संभावित स्थानों, आसपास की गलियों और कॉलेज ऑफ कॉमर्स से सटे इलाकों की भी पड़ताल की गई।
जांच टीम में जक्कनपुर थाना के थानाध्यक्ष रितुराज भी शामिल थे। हॉस्टल के बाद अधिकारी चित्रगुप्त नगर थाना पहुंचे, जहां देर तक रणनीतिक चर्चा हुई। सीआईडी ने एसआईटी से अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्य, दस्तावेज और जांच विवरण अपने कब्जे में ले लिए हैं। हालांकि, सीआईडी अधिकारियों और एफएसएल निदेशक विपिन कुमार चौधरी ने मीडिया से कोई बयान देने से परहेज किया।
डीएनए प्रोफाइल तैयार, एक दर्जन संदिग्ध जांच के दायरे में
छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म की डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इस प्रोफाइल से हॉस्टल मालिक मनीष रंजन सहित एक दर्जन लोगों के डीएनए सैंपल का मिलान किया जाएगा। इन संदिग्धों में वे लोग भी शामिल हैं, जिनसे छात्रा की लंबे समय तक फोन पर बातचीत होती थी। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर इन नामों को शॉर्टलिस्ट किया है।
छात्राओं का सामान सौंपा गया
लगातार जांच के कारण हॉस्टल कई दिनों से बंद था, जिससे वहां रहने वाली छात्राओं का सामान कमरों में ही बंद रह गया था। रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने हॉस्टल का मुख्य गेट खुलवाया और वीडियोग्राफी के साथ कमरों को खोलकर छात्राओं को उनका सामान सौंपा। छात्राएं वैशाली, औरंगाबाद, जहानाबाद समेत कई जिलों से थीं। अभिभावकों ने बताया कि एडवांस में दिए गए सात हजार रुपये डूब गए, फिलहाल वे बच्चों को घर ले जाकर आगे का निर्णय करेंगे।
पिता का आरोप: जांच भटकाने की कोशिश
छात्रा के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों की तलाश के बजाय परिवार को ही शक के घेरे में लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसआईटी कई बार गांव आकर एक ही तरह के सवाल दोहराती रही, जिससे परिवार मानसिक रूप से टूट चुका है। उनका कहना है कि घटना के इतने दिन बाद भी आरोपी सामने नहीं आए, इसलिए मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
पिता ने कहा कि उनकी बेटी के साथ दरिंदगी कर उसकी हत्या की गई है और दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिश्तेदारों से बातचीत को गलत रंग देना या डायरी मिलने जैसी अफवाहें फैलाने से सच सामने नहीं आएगा।

