बिहार के विभिन्न जिलों में हाल के दिनों में कौवों की असामान्य मृत्यु को लेकर लोगों में चिंता का माहौल बन गया था। हालांकि, अब इस मामले में राहत भरी खबर सामने आई है। मृत पाए गए कौवों के सैंपल की कोलकाता स्थित रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी में कराई गई जांच में एवियन इन्फ्लुएंजा यानी बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। यह जानकारी मंगलवार को राज्य के डेरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से दी गई।
विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में भागलपुर जिले के नवगछिया क्षेत्र, पटना के पटना सदर इलाके और दरभंगा नगर निगम क्षेत्र में कुछ स्थानों पर कौवों की अचानक मृत्यु की सूचना मिली थी। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान की टीम ने तत्काल कार्रवाई की और मृत कौवों के नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए कोलकाता लैब भेजा गया। जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के संक्रामक रोग, विशेषकर एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस, की पुष्टि नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों ने राहत की सांस ली है।
डेरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में फिलहाल बर्ड फ्लू का कोई मामला दर्ज नहीं है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी न फैलाएं। साथ ही, किसी भी पक्षी की असामान्य मृत्यु या बीमारी की सूचना मिलने पर तुरंत स्थानीय पशुपालन अधिकारियों या प्रशासन को जानकारी दें, ताकि समय पर जांच और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव, भोजन की कमी, पर्यावरणीय कारण या अन्य प्राकृतिक वजहों से भी पक्षियों की मृत्यु हो सकती है। इसलिए केवल कौवों की मौत को बर्ड फ्लू से जोड़ना सही नहीं है। राज्य सरकार सतर्क है और पशुओं व पक्षियों से जुड़ी किसी भी संभावित बीमारी पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की स्थिति में त्वरित सैंपल जांच, निगरानी और जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। विभाग ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे संयम बनाए रखें, स्वच्छता का ध्यान रखें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। इससे न केवल अफवाहों पर रोक लगेगी, बल्कि वास्तविक स्वास्थ्य जोखिमों से समय रहते निपटा जा सकेगा।


