भोजपुर जिले के निजी शिक्षक कमलेश राय के अपहरण मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखीसराय से महिला दारोगा अंजली कुमारी को गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में CBI की दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले 19 जनवरी को एजेंसी ने बक्सर निवासी रूपेश कुमार चौबे को पटना से दबोचा था।

2019 बैच की दारोगा अंजली कुमारी वर्तमान में लखीसराय थाना में तैनात थीं। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच के बाद उनकी बर्खास्तगी की भी संभावना जताई जा रही है।
हाईकोर्ट के आदेश पर CBI कर रही जांच
कमलेश राय अपहरण कांड की जांच पटना हाईकोर्ट के आदेश पर CBI को सौंपी गई है। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और कथित प्रेम-प्रसंग के एंगल को भी खंगाला जा रहा है। एजेंसी को धमकी से जुड़े कई ऑडियो क्लिप भी हाथ लगे हैं, जिन्हें अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
रिमांड पर पूछताछ में सामने आया नाम
CBI ने पहले गिरफ्तार आरोपी रूपेश कुमार चौबे को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इसी दौरान उसने महिला दारोगा अंजली कुमारी की संलिप्तता की जानकारी दी। इसके बाद बुधवार को CBI की टीम साक्ष्यों के साथ लखीसराय पहुंची और अंजली को गिरफ्तार कर लिया। अब CBI उन्हें भी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करेगी।
13 जुलाई 2023 से लापता हैं कमलेश राय
भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत कोल्हरामपुर गांव निवासी कमलेश राय 13 जुलाई 2023 से लापता हैं। वे आरा शहर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे और एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाते भी थे।
उस दिन वे एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने बाइक से सिन्हा थाना क्षेत्र के महुली घाट गए थे, लेकिन इसके बाद घर नहीं लौटे। उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया।
FIR के बाद भी नहीं मिली सफलता
14 जुलाई 2023 को बड़हरा थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन बक्सर पुलिस पर अनदेखी के आरोप लगे। इसके बाद कमलेश के पिता ने पटना हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर 28 फरवरी 2024 को CBI ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
अज्ञात शवों की भी जांच, फोटो सॉफ्टवेयर का सहारा
CBI कमलेश राय की तलाश में भोजपुर के कुल्हड़िया और पड़ोसी जिला बक्सर क्षेत्र से बरामद अज्ञात शवों की भी जांच कर रही है। आधुनिक फोटो सॉफ्टवेयर की मदद से शवों की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है, ताकि इस रहस्यमय अपहरण की गुत्थी सुलझाई जा सके।
