उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक बार फिर भू-माफिया, दलालों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति कफन बांधकर निकलता है, उसे कोई परास्त नहीं कर सकता। विजय सिन्हा ने कहा कि वे हमेशा कफन बांधकर चलते हैं, इसलिए उन्हें किसी तरह का डर या चिंता नहीं है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास पर खरा उतरना है। दोनों नेताओं ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसका ईमानदारी, पारदर्शिता और पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करना ही उनका संकल्प है। उन्होंने दोहराया कि जनता के हित में कानून और नियमों के तहत जो भी सही होगा, उससे वे कभी पीछे नहीं हटेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश और प्रधानमंत्री मोदी के विश्वास पर खरा उतरना ही लक्ष्य
विजय सिन्हा ने कहा कि उन्होंने जिस क्षेत्र से चुनाव लड़ा, वहां अपराधियों से सीधी लड़ाई लड़कर जीत हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बिहार में वास्तविक बदलाव चाहते हैं, गरीबों के आंसू पोंछना चाहते हैं और जिनमें थोड़ी भी मानवता है, वे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का कभी विरोध नहीं करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की पहल का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दलालों, बिचौलियों और भू-माफियाओं के प्रति सहानुभूति रखते हैं। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग की सभी योजनाएं और सुधारात्मक कदम बिहार की जनता के हित में हैं। इनका उद्देश्य भूमि से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान करना, व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और आम लोगों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
31 जनवरी को दरभंगा में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद
इस बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि उनका अगला भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम 31 जनवरी को दरभंगा में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक अंचल के लिए दो-दो काउंटर बनाए जाएंगे, जहां दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी से संबंधित शिकायतों का पंजीकरण किया जाएगा।
निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक काउंटर पर दूसरे अंचल के कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी व्यक्ति को आवेदन देने से रोके जाने की शिकायत न हो। जो लोग पहले से शिकायत दर्ज करा चुके हैं, उन्हें अपने पुराने आवेदन की प्रति साथ लाने को कहा गया है, ताकि मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जा सके।
उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस तरह के जनसंवाद कार्यक्रमों से भूमि विवादों में कमी आएगी, व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और आम जनता को समय पर न्याय एवं सेवाएं मिल सकेंगी।

