राजधानी पटना में मंगलवार को कांग्रेसजनों की एक विस्तारित बैठक कांग्रेस नेता नागेंद्र पासवान विकल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बिहार कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर गंभीर मंथन करते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए भविष्य की रूपरेखा और कार्यक्रम तय किए गए।
पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने पटना में एक बड़े महासम्मेलन के आयोजन का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि बिहार कांग्रेस को दुर्दशा से उबारने का एकमात्र उपाय जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करना है। इसके लिए जिलावार बैठकों की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील की।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आनन्द माधव ने संगठन में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले टिकट बंटवारे में गड़बड़ी हुई और अब संगठन सृजन के नाम पर लूट की आशंका है। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की मांग करते हुए कहा कि विश्वसनीयता खो चुकी टीम के नेतृत्व में कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सकता। साथ ही, उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 17 मार्च को पटना में “बिहार कांग्रेस बचाओ महासम्मेलन” आयोजित किया जाएगा। इसके पूर्व 7 फरवरी से समर्पित कांग्रेसियों की टीम राज्य के सभी 40 राजनीतिक जिलों का दौरा कर बैठकों का आयोजन करेगी।
वरीय नेता राजकुमार राजन ने कहा कि पद या चुनाव की चिंता नहीं, बल्कि कांग्रेस को बचाने की चिंता है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से आए सौ से अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाग लिया तथा संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
बैठक के अंत में बिहार कांग्रेस खेल विभाग के अध्यक्ष प्रद्युम्न यादव द्वारा भोज का आयोजन भी किया गया।

