सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि राबड़ी देवी के पास किसी मंत्री या उसके बेटे की संलिप्तता संबंधी जानकारी है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से नाम बताना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है। उनका दावा है कि अगर किसी मंत्री या मंत्री के बेटे का नाम सामने आता है तो 24 घंटे के भीतर उसे जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवेदनशील मामले में राजनीति कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
गृह मंत्री ने कहा कि राबड़ी देवी जैसी वरिष्ठ नेता से इस तरह के आरोपों की अपेक्षा नहीं थी। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के इस प्रकार के बयान देना जांच को प्रभावित कर सकता है। सरकार पारदर्शी तरीके से जांच करा रही है और सच्चाई सामने लाई जाएगी।
दूसरी ओर, राबड़ी देवी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नीट छात्रा की मौत के मामले में लीपापोती की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर झूठे वादों और वोटों की हेराफेरी के जरिए सत्ता में आने का आरोप भी लगाया। राबड़ी ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी टिप्पणी की।
विधानपरिषद परिसर में किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन के दौरान राबड़ी देवी ने कहा कि राज्य में किसानों और गरीबों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने धान खरीद पर बोनस देने और कृषि रोडमैप में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
नीट छात्रा की मौत का मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर सरकार सख्त कार्रवाई का भरोसा दे रही है, वहीं विपक्ष निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उससे जुड़े तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

