मोतिहारी पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो पुलिस और जनता के बीच भरोसे की दूरी मिटाई जा सकती है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत मोतिहारी पुलिस ने गुमशुदा और चोरी हुए 112 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 21 लाख रुपये आंकी गई है।
ये सभी मोबाइल कभी किसी के हाथ से गुम हो गए थे, कहीं चोरी हो गए थे तो कहीं परिस्थितियों में गायब हो गए थे। लेकिन मोतिहारी पुलिस की सक्रियता और तकनीकी निगरानी ने इन्हें फिर से उनके असली मालिकों तक पहुंचा दिया। मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे पर जो मुस्कान लौटी, वही इस अभियान का असली मकसद भी है।
मोबाइल पाने वालों में समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 31 विद्यार्थी, 6 गृहिणियां, 8 सरकारी कर्मचारी, 8 किसान और 17 कारोबारी ऐसे हैं जिन्हें उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिला। यह दिखाता है कि यह अभियान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं बल्कि आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ है।
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में अब तक जिले में 1739 मोबाइल फोन बरामद कर लौटाए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत 3 करोड़ 38 लाख 61 हजार रुपये बताई जा रही है। यह आंकड़ा न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली को दर्शाता है बल्कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल का उदाहरण भी है।
इस सफलता के पीछे एक समर्पित टीम का योगदान है। मोबाइल बरामदगी में अग्रणी भूमिका निभाने वालों में पुलिस निरीक्षक अमरजीत कुमार, सहायक अवर निरीक्षक निक्कू कुमार, सिपाही ललन कुमार और महिला सिपाही डेजी कुमारी शामिल हैं। टीमवर्क और लगातार प्रयासों का ही नतीजा है कि ऑपरेशन मुस्कान लगातार सफल हो रहा है।
मोतिहारी पुलिस का यह अभियान न सिर्फ खोई हुई चीजें लौटाने का काम कर रहा है, बल्कि जनता के बीच पुलिस के प्रति भरोसा भी मजबूत कर रहा है।

